कैसा था आईपीएल के पहला फाइनल मैच

ipl first final 2008

2019 में होने वाला आईपीएल सीजन अपने 12 साल पूरा करने जा रहा है| आईपीएल के इस 12 वर्ष के छोटे से इतिहास ने हमे कई ऐसे रोमांचक पल दिए है, जिन्हें हम बार बार सुनना और देखना चाहेंगे| कई ऐसे रोमांचक मैच जिन्हें देखते वक़्त लोगो की दिलो की धड़कने तक थम जाती थी| 

आईपीएल का सफर 2008 से शुरू हुआ था| 2008 वह वक़्त था, जब लोग 50 ओवर के लंबे मैच देखकर थोड़ा ऊब चुके थे| उसी वक़्त क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप का उदय हो रहा था, और इस प्रारूप को सफल बनाने में सबसे अहम योगदान आईपीएल जैसे टूर्नामेंट का हैं| आईपीएल के पहले ही वर्ष में हमे कई ऐसे रोमांच से भर देने वाले पल देखने को मिले, जो हमने पहले सोचा भी नही था| आईपीएल के शुरुआत में ही ब्रैंडन मैकुलम ने शानदार 73 गेंदों पर 153 रन की इनिंग खेली थी, जो आज भी सबको याद है|

इसी तरह के ऐसे कई और मैच भी आईपीएल 2008 की शान बने| लेकिन इन सभी मैचों में सबसे रोमांचक मैच आईपीएल 2008 फाइनल मैच भी शामिल है, जो दो ऐसी टीमों के बीच हुआ था जो पूरे आईपीएल में सबसे ज्यादा चर्चा में रही| ये दो टीम थी राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स| तो विस्तार से जानते हैं आईपीएल 2008 के उस रोमांचक फाइनल मैच के बारे में|

राजस्थान का सफर पहले मैच से फाइनल तक का

Rajasthan RoyalsImage Source

राजस्थान रॉयल्स की टीम उस वक़्त सबकी चर्चा का केंद्र थी| इसके पीछे की वजह थी कि यह एक ऐसी टीम थी जिसकी बागडोर तो दिग्गज स्पिनर शेन वार्न के हाथों में थी, लेकिन शेन वार्न को छोंड़ दे तो लगभग पूरी टीम ही युवा खिलाड़ियों से भरी हुई थी| और ये ऐसे युवा खिलाड़ी थे, जिन्होंने भारत के लिए मैच नही खेले थे| लेकिन कम अनुभवी टीम होने के बावजूद भी यह टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही थी| इस टीम ने कई ऐसी टीमों को हराया था, जिसमे दुनियाँ के अच्छे क्रिकेटर शामिल थे| 

राजस्थान रॉयल्स ने अपने 14 मैचों में से 11 मैच जीतकर 22 पॉइंट्स हासिल किए थे, और अंक तालिका में सबसे ऊपर बने रहे| यदि राजस्तान की टीम की तरफ से स्टार परफ़ॉर्मर की बात करें तो बल्लेबाजी में शेन वाटसन थे, जिन्होंने 472 रन बनाए थे, तो वहीं बॉलिंग डिपार्टमेंट में पाकिस्तानी गेंदबाज शोहिल तनवीर थे, जिन्होंने 14 मैच में 11 विकेट हासिल किए थे|

चेन्नई सुपर किंग्स का सफर

Chennai Super KingsImage Source

सितारों से सजी एक ऐसी टीम जिसकी बागडोर एक ऐसे कप्तान के हाथों में थी, जिसके बारे में कहा जाता था कि यदि वो लोहा छू दे तो यह भी सोना बन जाता है| महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली यह टीम शुरू से की सबका ध्यान आकर्षित करने वाली थी| क्योंकि यह एक ऐसी टीम थी जिसमे अधिकतर ऐसे खिलाड़ी थे, तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भी खेलते थे| चेन्नई को शुरू से ही इस खिताब के एक दावेदार के तौर पर देखा जाता था| चेन्नई ने अपने शुरुआती 14 मैचों में से 8 मैच जीते थे, और 16 अंको के साथ तीसरे स्थान पर थे| चेन्नई की ओर से सुरेश रैना ने सबसे ज्यादा 421 रन बनाए थे और एल्बी मोर्केल ने सबसे ज्यादा 17 विकेट लिए थे|

आईपीएल 2008 के फाइनल मैच

Rajsthan Royals JourneyImage Source

आईपीएल 2008 का फाइनल मैच 1 जून 2008 को नवी मुम्बई के DY पाटिल स्टेडियम में खेला गया था| इस मैच में दोनों टीमो के बीच काटें की टक्कर होने की पूरी उम्मीद थी| राजस्थान रॉयल्स दिल्ली डेयरडेविल्स को और चेन्नई सुपर किंग्स, किंग्स 11 पंजाब को हरा कर फाइनल तक पहुची थी| 1 जून की शाम के वक़्त जब दूधिया रोशनी में टॉस हुआ तो यह राजस्थान रॉयल्स के पाले में गिरा| राजस्थान टीम के कप्तान शेन बोर्न ने चेन्नई सुपर किंग्स को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया| 

चेन्नई की टीम ने 20 ओवर की समाप्ति पर 5 विकेट की नुकसान पर 163 रन बनाए| इस मैच में चेन्नई की ओर से सुरेश रैना टॉप स्कोरर रहे और नंबर तीन पर आकर टीम के लिए 43 रनों की पारी खेली| राजस्थान की ओर से यूसुफ पठान ने 22 रन देकर 3 विकेट हासिल करके सबसे सफल गेंदबाज बने| अब 164 रनों के लक्ष्य हासिल करने उतरी राजस्थान की टीम की शुरुआत बेहद ही खराब रही, और टीम का टॉप आर्डर पूरी तरह से बिखर गया, और सिर्फ 42 रन के अंदर ही अपने तीन विकेट गवा दिए| लेकिन फिर पाँचवे नंबर पर उतरे यूसुफ पठान और शेन वाटसन की बीच एक अच्छी साझेदारी हुई और टीम के स्कोर को 107 रन तक लेकर गए, यही शेन वाटसन का विकेट भी गिर गया| लेकिन एक छोर पर यूसुफ पठान डटे रहे, और टीम के पुछल्ले बल्लेबाजो के साथ स्कोर का पीछा करने में लगे रहे|

एक तरफ से टीम की विकेट गिर रही थी, और 143 रन पर टीम अपनी सात विकेट खो चुकी थी| लेकिन यूसुफ पठान के मैदान में रहते चेन्नई के लिए जीत मुश्किल थी, और हुआ भी ऐसा ही| इस रोमांचक मैच में राजस्थान की टीम ने आखिरी गेंद में मैच चेन्नई से छीन लिया और आईपीएल 2008 की चैंपियन बन गई| इस मैच में यूसुफ पठान ने 39 गेंदों पर 56 रन की पारी खेली थी| यूसुफ पठान के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच चुना गया|

Also check:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *